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  • मुख्यमंत्री ने शिमला में हेलीपोर्ट का लोकार्पण किया
  • राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने दी लोहड़ी की बधाई
  • मुख्यमंत्री ने जाखू मंदिर में पूजा अर्चना की।
  • मुख्यमंत्री ने बैंटनी कैसल का दौरा किया
  • हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय
  • राज्यपाल शिमला में राज्य स्तरीय गणतन्त्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे
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  • हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय
     
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 को स्वीकृति प्रदान की गई। इस नीति के अन्तर्गत स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा विकास की परिकल्पना की गई है और विशेष तौर पर पन विद्युत, सौर ऊर्जा और अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों के तीव्र दोहन से वर्ष 2030 तक 10 हजार मेगावाट अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन किया जाएगा। इस नीति में हरित ऊर्जा स्रोतों के तीव्र विकास के लिए चार सूत्रीय योजना के अन्तर्गत राज्य, संयुक्त, केन्द्रीय और निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस नीति का उद्देश्य राज्य में पर्याप्त और प्रभावशाली पारेषण (ट्रांसमिशन) नेटवर्क स्थापित करने के लिए ट्रांसमिशन मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा जिससे जल और सौर ऊर्जा परियोजनाओं की योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन में सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस नीति में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर, पवन, बायोमास और अन्य गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के दोहन पर विशेष बल दिया गया है।
     
    मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती खेल नीति-2021 को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की। इस नीति के अन्तर्गत उच्च गुणवत्ता की खेल अधोसंरचना के विकास, रख-रखाव और उपयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी को प्रोत्साहन देते हुए खेल अधोसंरचना के निर्माण, शैक्षणिक संस्थानों से समन्वय स्थापित करते हुए खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने और उच्च मानकों के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और समर्थन दिया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य खेलों के दूरगामी विकास के दृष्टिगत प्रशिक्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान को शामिल करना और खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें सम्मान देना तथा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले महिला एवं पुरूष खिलाड़ियों को पुरस्कृत करना है।
     
    मंत्रिमंडल ने तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में 15 अंकों की मूल्याकंन प्रक्रिया समाप्त कर लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के महत्त्व में बढ़ोतरी कर इसे 85 से बढ़ाकर 100 अंक करने का भी निर्णय लिया ताकि भर्ती प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके।
     
    मंत्रिमंडल ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत ट्रांसपोटर्स को राहत प्रदान करते हुए विभिन्न श्रेणी के वाहनों के टोकन टैक्स, स्पेशल रोड टैक्स (एसआरटी) और यात्री कर में शत-प्रतिशत छूट देने अथवा माफ करने को कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की। बैठक में एक अगस्त, 2020 से 30 जून, 2021 तक की अवधि के लिए यात्री वाहनों, टैक्सी, मैक्सी, ऑटो और अनुबंध पर यात्री बसों, संस्थागत बसों के बकाया 50 प्रतिशत टोकन टैक्स को माफ करने तथा कॉन्ट्रेक्ट कैरेज बसों का शत-प्रतिशत टोकन टैक्स और यात्री वाहनों का एसआरटी माफ करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई, 2021 से 30 नवम्बर, 2021 की अवधि के लिए यात्री वाहनों, कॉन्ट्रेक्ट कैरेज और संस्थागत बसों के शत-प्रतिशत टोकन टैक्स और यात्री वाहनों के एसआरटी को माफ करने का भी निर्णय लिया। बैठक में कॉन्ट्रेक्ट कैरेज और संस्थागत बसों के 1 अप्रैल, 2020 से 30 नवम्बर, 2021 की अवधि के शत-प्रतिशत यात्री कर को माफ करने का भी निर्णय लिया गया।
     
     मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के धर्मपुर में लोक निर्माण विभाग का नया वृत्त खोलने और इसके लिए आवश्यक पदों के सृजन और भर्ती को भी स्वीकृति प्रदान की।
     
    मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के शाहपुर में लोक निर्माण विभाग का नया मंडल और दाड़िनी में उप-मंडल खोलने और इन कार्यालयों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन और भर्ती को अपनी स्वीकृति प्रदान की।
     
    मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग के पुनर्गठन को अनुमति प्रदान की। विभाग द्वारा वित्त विभाग के साथ परामर्श और पुनर्गठन प्रस्ताव के तादात्म्य में चरणबद्ध ढंग से विभिन्न पदों का सृजन और उन्हें भरा जाएगा।
     
    मंत्रिमण्डल ने जिला मण्डी में जल शक्ति विभाग, उप-मण्डल टीहरा के डरवाड़ के अन्तर्गत नया अनुभाग खोलने तथा आवश्यक पदों के सृजन व भरने को स्वीकृति प्रदान की।
     
    बैठक में जिला मण्डी में जल शक्ति विभाग, उप-मण्डल केलोधार के अन्तर्गत केलोधार में नया अनुभाग खोलने तथा आवश्यक पदों के सृजन व भरने को स्वीकृति प्रदान की।
     
    मंत्रिमण्डल ने राजस्व विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 108 पदों को अनुबन्ध आधार पर भरने की मंजूरी प्रदान की।
     
    बैठक में उद्योग विभाग में रेशम निरीक्षक के 42 पदों को अनुबन्ध आधार भरने का निर्णय लिया गया।
     
    बैठक में मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 13 पदों को भरने का निर्णय लिया गया।
     
    मंत्रिमण्डल ने राजस्व विभाग में अनुबन्ध आधार पर सांख्यिकी सहायक के तीन पदों को भरने का निर्णय लिया।
     
    बैठक में लाहौल-स्पिति जिला में गत वर्ष 27 से 30 जुलाई तक भारी बारिश के कारण कृषि एवं बागवानी को हुए नुकसान से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने की अनुमति प्रदान की गई। किसानों को 25 से 50 प्रतिशत नुकसान के लिए 2000 रुपये प्रति बीघा, 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान के लिए 2500 रुपये प्रति बीघा और कृषि एवं बागवानी फसलों को 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान के लिए 3000 रुपये प्रति बीघा प्रदान किए जाएंगे। भू-स्खलन/बाढ़/हिमस्खलन के कारण भूमि को हुए नुकसान के लिए किसानों को 3000 रुपये प्रति बीघा और कृषि व बागवानी भूमि से गाद निकालने के लिए 1000 रुपये प्रति बीघा प्रदान किए जाएंगे।
     
    मंत्रिमंडल के समक्ष प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति और कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने की तैयारियों के बारे में प्रस्तुति दी गई।
     
    मंत्रिमण्डल ने आमजन की सुविधा के लिए स्वीकृत मापदण्डों में छूट देते हुए न्यू शिमला के सेक्टर 6 में लायंस क्लब और हाऊसिंग ब्लॉक 46 के मध्य प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के निर्माण की योजना को स्वीकृति प्रदान की।
     
    मंत्रिमण्डल ने जिला कुल्लू के चमारला गांव का नाम बदलकर धाराबाग और जिला हमीरपुर के चमारकड़ का नाम धनेड़-1 और जिला शिमला के बन्दूर का नाम विक्तादी करने को मंजूरी दी।
     
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  • मुख्यमंत्री ने बैंटनी कैसल का दौरा किया
     
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज बैंटनी कैसल शिमला का दौरा किया और इस ऐतिहासिक भवन के नवीनीकरण में प्रगति की समीक्षा की। इस भवन का एडीबी परियोजना के तहत 25 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
     
    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जीर्णोद्धार कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि इसे जल्द से जल्द प्राधिकारियों को सौंपा जा सके।
     
    इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा, हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त, मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव पर्यटन सुभाशीष पांडा, निदेशक पर्यटन अमित कश्यप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
     
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  • मुख्यमंत्री ने जाखू मंदिर में पूजा अर्चना की।
     
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मकर-सक्रांति के पावन अवसर पर शिमला के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में शीश नवाया और पूजा-अर्चना की।
     
    मुख्यमंत्री ने यज्ञ में भी भाग लिया और प्रदेशवासियों की समृद्धि, शांति और कल्याण के लिए प्रार्थना की।
     
    इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
     
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  • मुख्यमंत्री ने शिमला में हेलीपोर्ट का लोकार्पण किया
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज संजौली-ढली बाईपास के समीप 18 करोड़ रुपये की लागत से बने हेलीपोर्ट का लोकार्पण किया।
     
    मीडिया से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार ने स्वदेश दर्शन कार्यक्रम के हिमालयन सर्किट के अंतर्गत 12.13 करोड़ रुपये और केन्द्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत 6 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। उन्होंने कहा इस हेलीपोर्ट से न केवल प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी बल्कि आईजीएमसी के समीप होने से इसका उपयोग आपातकालीन सेवाओं में भी प्रभावी रूप से किया जा सकेगा।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि इस तीन मंजिला हेलीपोर्ट में सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं जैसे रिसेप्शन काउंटर, हेलीपोर्ट प्रबंधक कार्यालय, टिकट काउंटर और वीआईपी लाउंज आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हेलीपोर्ट में यात्रियों के आगमन के लिए पोराटा केबिन की सुविधा, 50 वाहनों के लिए पार्किंग, हेलीकाॅप्टर के लिए डेक और सेफ्टी नेट भी हैं। 
     
    उन्होंने कहा कि यह हेलीपोर्ट 10.3 बीघा भूमि के क्षेत्र में फैला है तथा भिति चित्रों द्वारा इसका सौन्दर्यीकरण किया गया है। यह हेलीपोर्ट सीसीटीवी/निगरानी तंत्र से पूर्ण रूप से युक्त है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत बद्दी, रामपुर तथा मंडी में भी हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केन्द्रीय पयर्टन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय को रिकांगपिओ, चम्बा, डलहौजी, जंजैहली, ज्वालाजी आदि में नए हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजेगी जिससे इन क्षेत्रों में पयर्टन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में मुख्य पयर्टन गंतव्यों से जुड़े राष्ट्रीय उच्च मार्गोें की फोर लेनिंग के साथ-साथ हवाई यातायात सुविधा पर विशेष बल दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 64 हेलीपेड हैं तथा प्रदेश सरकार द्वारा 38 नए हेलीपेड का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
     
     मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलीपोर्ट तथा हेलीपेड निकट भविष्य मेें पयर्टन, कनेक्टिीविटी तथा आपातकालीन परिपेक्ष्य से लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इससे राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान तथा आपातकालीन स्थिति में रोगियों को बड़े अस्पतालों में ले जाने में भी सहायता मिलेगी। हिमाचल प्रदेश में हेलीपोर्ट पयर्टन तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में वरदान सिद्ध होंगे।
     
    शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, विधायक बलबीर वर्मा, भाजपा नेता डाॅ. प्रमोद शर्मा, विजय ज्योति सेन, हिमाचल प्रदेश पयर्टन विकास बोर्ड की उपाध्यक्ष रशिम धर सूद, प्रधान सचिव पयर्टन सुभाशीष पांडा, निदेशक पयर्टन अमित कश्यप, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोनिका भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
     
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  • मुख्यमंत्री ने 103.18 करोड़ रुपये लागत से निर्मित आईजीएमसी के ओपीडी भवन का लोकार्पण किया
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां इन्दिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला के नए बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) भवन का लोकार्पण किया।
     
     इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण कार्य पर 103.18 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है जिसमें से 73 करोड़ रुपये की राशि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि मूल रूप से यह भवन 46 करोड़ रुपये में निर्मित किया जाना था लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक बड़े भवन के निर्माण के लिए वर्ष-2019 में इसकी लागत को संशोधित कर 103 करोड़ रुपये किया गया था। उन्होंने कहा कि यहां पर ट्राॅमा संेटर के निर्माण पर 40 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं और इसका कार्य इसी वर्ष जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी प्रदेश का एक प्रमुख आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल है और राज्य सरकार यहां विश्व स्तरीय सेवाओं एवं उपकरणों से सुसज्जित करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि रोगियों की भारी संख्या को देखते हुए इस संस्थान में और अधिक आधारभूत संरचना विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए नया ओपीडी ब्लाॅक दूरगामी भूमिका निभाएगा।
     
     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चिकित्सकों, पैरा-मेडिकल स्टाॅफ और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी के प्रसार के नियंत्रण  के लिए पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट भी सभी के लिए चिंता का विषय है और सभी को सावधानी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समन्वित प्रयासों और समर्पण से राज्य महामारी की इस लहर से भी सफलतापूर्वक पार पा लेगा।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि रोगियों, चिकित्सकों, परिचारकों और आम लोगों की सुविधा के लिए आईजीएमसी के समीप स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत 32 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में छः राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों के अतिरिक्त बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की जा रही है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के उदार प्रयासों से ही सम्भव हुआ है। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर इसी वर्ष जून माह में राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाएगा।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी की प्रथम लहर के दौरान प्रदेश में केवल दो ही आॅक्सीजन प्लांट थे और आज प्रदेश के विभिन्न भागों में 41 आॅक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उस समय राज्य में केवल 50 वेंटिलेटर ही उपलब्ध थे और आज प्रदेश में 1000 से अधिक वेंटिलेटर हैं। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान प्रदेश सरकार के समर्पित प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने न केवल राज्य में बेहतर अधोसंरचना का सृजन किया बल्कि गरीब व जरूरतमंद लोगों को गम्भीर बीमारियों का निःशुल्क उपचार भी सुनिश्चित किया है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमकेयर योजना के अन्तर्गत 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है और मुख्यमंत्री सहारा योजना के अन्तर्गत गम्भीर बीमारी से ग्रसित रोगियों के परिवार को 3000 रुपये प्रतिमाह की राशि प्रदान की जा रही है।
     
     शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के इस प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान में आॅक्सीजन प्लांट स्थापित कर आईजीएमसी का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में 41 आॅक्सीजन संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं जिसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को जाता है। उन्होंने कहा कि गरीब रोगियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई है ताकि उन्हें बेहतर और विशेषज्ञ उपचार सुविधाएं निःशुल्क प्राप्त हो सकंे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमकेयर और मुख्यमंत्री सहारा योजना राज्य के लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रही हंै।
     
    स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आज राज्य में 7 चिकित्सा महाविद्यालय हैं, जिनमें से 6 चिकित्सा महाविद्यालय सरकारी क्षेत्र में हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में एम्स भी स्थापित किया गया है, जिसे कि इस वर्ष के मध्य तक प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि नया ओ.पी.डी. भवन मरीजों को, विशेष रूप से महामारी के दौरान बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में दूरगामी भूमिका निभाएगा।
     
    निदेशक, चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री और इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की प्रतिवद्धता और समर्पण के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र सुदृढ़ हुआ है।
     
    हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग सुभाशीष पांडा, प्रमुख अभियन्ता अर्चना ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
     
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  • गृह संगरोध मंे कोविड-19 रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं: मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वर्चुअल बैठक के माध्यम से राज्य के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और चिकित्सा अधिकारियों के साथ कोविड-19 महामारी की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गृह संगरोध मंे रह रहे कोविड-19 रोगियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें त्वरित उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के अभी तक कुल 3076 सक्रिय मामले हैं और गत एक सप्ताह में इसमें तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 98 प्रतिशत रोगी गृह संगरोध में हैं।
     
    जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को होम आइसोलेशन किट तैयार रखने के निर्देश दिए ताकि यह गृह संगरोध में रहने वाले कोविड-19 रोगियों को उपलब्ध करवाई जा सके और उन्हें आइसोलेशन के दौरान क्या करें और क्या न करें, के बारे में जागरूक किया जा सके और वे चिकित्सकों की सलाह पर ही दवाएं इत्यादि लें। उन्होंने कहा कि इस किट में च्यवनप्राश, आयुष काढ़ा, सेनेटाइजर, मास्क इत्यादि शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 रोगियों को गृह संगरोध के दौरान आइसोलेशन के पुख्ता प्रबन्ध किए जाएं ताकि उनके परिवार के अन्य सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित न होने पाएं।
     
    मुख्यमंत्री ने एलोपैथी और आयुष विभाग में बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे कोविड-19 रोेगियों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं और सम्बन्धित प्राधिकरणों को जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग का टीकाकरण अभियान 12 जनवरी, 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
     
    जय राम ठाकुर ने कहा कि गृह संगरोध में रहने वाले कोविड-19 रोगियों को आपात स्थिति में परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
     
    मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को बर्फवारी से प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के बेहतर रख-रखाव, विद्युत और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख सड़कों और स्वास्थ्य संस्थानों को जोड़ने वाली सड़कों को शीघ्र अतिशीघ्र सुचारू करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों विशेष तौर पर स्वास्थ्य संस्थानों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी त्वरित कदम उठाएं। उन्हांेने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए पेयजल आपूर्ति भी शीघ्र सुचारू की जाए।
     
    स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी और अन्य सम्बन्धित लोग कोरोना वायरस की दूसरी लहर के सफलतापूर्वक नियंत्रण के दौरान प्राप्त अनुभवों का पूर्ण उपयोग करें।
     
    मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने बैठक का संचालन किया।
     
    बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेमराज बैरवा, निदेशक आयुष विनय सिंह, निदेशक स्वास्थ्य डाॅ. अनिता महाजन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
     
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