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  • मुख्यमंत्री ने शिखर सम्मान पुरस्कार वितरित किए
  • चम्बा में मनाया जाएगा राज्य स्तरीय दिवस समारोह
  • मुख्यमंत्री ने की एलईडी ट्यूब लाईट और ऊर्जा कुशल फैन कार्यक्रम की शुरूआत
  • बाली ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का चैक भेंट किया
  • मुख्यमंत्री ने डिजिटल राशन कार्ड का किया शुभारम्भ
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  • मुख्यमंत्री ने डिजिटल राशन कार्ड का किया शुभारम्भ
     
    मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज यहां  क्यूआर कोडेड डिजिटल राशन कार्ड का शुभारम्भ किया। इससे राज्य में फर्जी राशन कार्डों पर अंकुश लगेगा। नए राशन कार्ड पैन कार्ड साईज के हैं, जो लोगों को अगले सप्ताह से वितरित कर दिए जाएंगे।
    परिवहन एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री जी.एस. बाली व उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री तथा आबकारी एवं कराधान मंत्री श्री प्रकाश चौधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई प्रणाली फर्जी राशन कार्डों को नियंत्रित करने में सहायक होने के अतिरिक्त राशन की चोरी को भी रोकेगी। डिजिटल कार्ड आधार के साथ जुड़ा होगा तथा स्वाइप मशीन के माध्यम से उपयोग किया जाएगा। उचित मूल्य की दुकानों में नागरिक आपूर्ति के लिए कार्ड उपयुक्त 2000 प्वांइट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें खरीदी गई हैं।
    परिवहन एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री जी.एस. बाली ने कहा कि 16 लाख राशन कार्ड सप्ताह भर में उपभोक्ताओं को वितरित किए जाएंगे।
    उन्होंने कहा कि राज्य में ईपीडीएस परियोजना के अन्तर्गत उचित मूल्य की दुकानों में पीओएस मशीनों के स्थापन तथा राशन कार्डों के डिजिटलीकरण के साथ  पीडीएस का स्वचालन आरम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि स्वचालन/कम्प्यूट्रीकरण की लागत 50ः50 के अनुपात के साथ केन्द्र तथा राज्य सरकार वहन करेगी।
    प्रधान सचिव खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति श्री तरूण कपूर, खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति निगम की प्रबन्ध निदेशक सुधा देवी भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
     
     
     
     
     
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  • बाली ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का चैक भेंट किया
    मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह को परिवहन तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री जी.एस. बाली ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री को उन्होंने यह चैक विधानसभा स्थित उनके चैम्बर में भेंट किया।
    मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री जी.एस. बाली की इस पुनीत कार्य के लिए सराहना की तथा कहा कि इससे गरीब व जरूरतमंद लोगों को सहायता मिलेगी। उन्होंने हि.प्र. राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम का भी आभार व्यक्त किया।
    प्रधान सचिव खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति श्री तरूण कपूर, खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति निगम की प्रबन्ध निदेशक सुधा देवी भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।
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  • मुख्यमंत्री ने की एलईडी ट्यूब लाईट और ऊर्जा कुशल फैन कार्यक्रम की शुरूआत
     राज्य में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज यहां एलईडी टयूब लाईट और ऊर्जा कुशल (फैन)  को ‘उन्नत जीवन बाय एफोरडेबल एलईडी एंड एप्लाईंसिस फॉर ऑल’ (उजाला) योजना के अन्तर्गत उपलब्ध करवाने के लिए वितरण की शुरूआत की, यह पुराने घरेलू कुशल बिजली कार्यक्रम का विस्तार है।
    उन्होंने कहा कि ‘उजाला’ सरकार की ऊर्जा संरक्षण पहल का एक अभिन्न अंग है और राज्य के लोगों द्वारा इसे सफलतापूर्वक अपनाया गया है। नवीन ऊर्जा व्यापार मॉडल के पूरे राज्य में ऊर्जा बचत के उपायों के कारगार कार्यान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।  
    केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालयय का सार्वजनिक उपक्रम ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड, इस कार्यक्रम को चरणबद्ध रूप में पूरे प्रदेश राज्य सरकार एवं एचपीएसपीबीएल के साथ कार्यान्वित करेगा।
    श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ऊर्जा दक्षता राज्य का एक प्रमुख क्षेत्र है और इसके कार्यान्वयन को बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है। इस पहल का शुभारम्भ 2015-16 के बजट में एलईडी बल्बों के वितरण की प्रतिबद्धता के अनुरूप किया गया है और 12 लाख उपभोक्ताओं को लगभग 74 लाख बल्ब वितरित किए गए हैं, जिसके फलस्वरूप लगभग 150 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष ऊर्जा की बचत हुई, जो  इस कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि एलईडी बल्ब वितरण कार्यक्रम की तरह इस नई पहल को भी सफलता हासिल होगी। 
    ऊर्जा मंत्री श्री सुजान सिंह पठानिया ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से ऊर्जा कुशल एलईडी टयूब लाईट वितररित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि एक टयूब लाईट 230 रुपये में तीन साल की मुफ्त प्रति स्थापना वारंटी सहित मिलेगी। पारम्परिक 75 वॉट छत के पंखे को बीईई पांच सतारा 50 वॉट के पंखे से बदलने के लिए 1150 रुपये खर्च होंगे, जिसके साथ दो साल की मुफ्त प्रति स्थापना वारंटी मिलेगी। इससे 33 प्रतिशत बिजली की बचत होगी।  
    उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को आज ही शिमला से आरम्भ किया गया है और सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वित किया जाएगा। 
    मुख्य सचिव श्री वी.सी. फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव, ऊर्जा और अध्यक्ष, एचपीएसपीबीएल श्री तरूण श्रीधर, एचपीएसपीबीएल श्री पी.सी. नेगी, निदेशक (आप्रेशन) श्री आर.के. शर्मा, कार्यकारी निदेशक (कार्मिक) एचपीएसपीबीएल श्रीमती कुमुद सिंह तथा ईईएसएल के प्रतिनिधि ने भी अन्य गणमान्यों क ेसाथ इस अवसर पर उपस्थित थे। 
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  • मुख्यमंत्री ने शिखर सम्मान पुरस्कार वितरित किए
    मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने आज यहां हिमाचल प्रदेश कला, भाषा एवं संस्कृति अकादमी द्वारा आयोजित एक समारोह में साहित्यकार सुदर्शन वशिष्ट और निष्पादन कला के क्षेत्र में कत्थक में विशिष्ट योगदान के लिए इला पांडे को शिखर सम्मान-2016 से सम्मानित किया। पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति पत्र के अलावा एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई। इला पांडे ने पुरस्कार राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की।
    मुख्यमंत्री ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि संस्कृति और परम्पराएं केवल आंकड़ों या स्मारक चिन्हों तक की सीमित नहीं हैं बल्कि वास्तव में ये सीधे तौर पर जन जीवन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृति मानव सृजन का मानसिक चित्रण है। जो लोग समृद्ध संस्कृति को संरक्षित रखने में अपना भरपूर योगदान दे रहे हैं, उनका सम्मान किया जाना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि संस्कृति और परम्पराओं के संरक्षण और संवर्द्धन में कवियों, कलाकारों और लेखकों के योगदान को नजरंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि अपरोक्ष रूप से आने वाली पीढ़ियों को जागरुक बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हमारी परम्पराएं और रीति-रिवाज जीवन का आधार हैं और संस्कृति को तथ्यों या आंकड़ों की नजर से नहीं बल्कि जीवन, इतिहास, प्रकृति और भौगोलिक परिस्थितियों की कहानी और व्याख्या के तौर पर देखना चाहिए।
    श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हम सभी को अपनी संस्कृति, भाषाओं और लोक कलाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है और यह अकादमी के सम्मुख एक बड़ी जिम्मेवारी है।
    उन्होंने कहा कि संगीत हमारी संस्कृति और जीवन का अभिन्न् अंग है जिसे व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने सभी स्कूलों और महाविद्यालयों में संगीत अध्यापक नियुक्त करने का निर्णय लिया है। सरकार यह सुनिश्चित बनाएगी कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में संगीत शिक्षा के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हों।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रो. एम.सी सक्सेना की पुस्तक आकाश बेल का विमोचन भी किया।
    उन्होंने निष्पादन कला के क्षेत्र में ज्वाला प्रसाद शर्मा और दृश्य कला को प्रोत्साहन देने के लिए प्रो. हिमा चैटर्जी को निष्पादन कला सम्मान-2016 देने की घोषणा की।
    भाषा, कला एवं संस्कृति अकादमी के उपाध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि इतिहास हमें समाज के साथ-साथ संस्कृति के उद्भव को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि इतिहासकार, कवि और लेखक समाज का वास्तविक आईना हैं जो इसका सही पक्ष उजागर करते हैं।
    अकादमी की निदेशक शशि ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सचिव अशोक हंस ने अकादमी की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
     
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  • अवार्डी टीचर फोर्म ने मुख्यमंत्री का किया आभार व्यक्त

    मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह से आज यहां हिमाचल प्रदेश अवार्डी टीचर फोर्म के एक प्रतिनिधिमण्डल ने डॉ. चन्द्रेश्वर शर्मा के नेतृत्व में भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्मयंत्री का राज्य पुरस्कार प्राप्त अध्यापकों के सेवाकाल में एक वर्ष का विस्तार तथा राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त अध्यापकों के सेवाकाल में दो साल का सेवा विस्तार के साथ अतिरिक्त वेतन वृद्धि प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर 24 राष्ट्रीय तथा राज्य पुरस्कार प्राप्त अध्यापक उपस्थित थे।

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  • मुख्यमंत्री ने दिए शिमला के लिए गिरी जल आपूर्ति योजना की तुरंत बहाली के आदेश

    मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, विद्युत तथा नगर निगम शिमला के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि शिमला शहर की जल आपूर्ति की समस्या से निपटने के लिए गिरी जल आपूर्ति योजना को तुरंत प्रभाव से बहाल करने के निर्देश दिए, ताकि शहर तथा कस्बों के लोगों को प्रतिदिन जलापूर्ति उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि रिसाव की मुरम्मत तथा पानी के टैंकों के ओवर फ्लो को रोकने में नाकाम होने वालों पर कार्यवाही की जाएगी।

    उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को 41 पंचायतों की लगभग 75 हजार आबादी को जल आपूर्ति के लिए अप्रैल मध्य तक शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 105 करोड़ रुपये की लागत की घरोह-घण्डल जल आपूर्ति योजना के निर्माण कार्य को पूरा करने के निर्देश भी दिए।

    बैठक में यह भी बताया गया कि नगर निगम शिमला की सीमाओं के भीतर कुल 44 एमएलडी पानी की आवश्यकता है तथा नगर निगम शिमला के बाहर कुल 4 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। गिरी स्रोत की मुख्य पाइप लाईन की मुरम्मत के पश्चात 5 से 6 एमएलडी पानी की बढ़ोतरी होगी।

    प्रधान सचिव सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य श्रीमती अनुराधा ठाकुर ने कहा कि गिरी जल आपूर्ति योजना की संपूर्ण राइजिंग को बदला जा रहा है और कार्य लगभग पूरा होने को हैं, जिससे वर्तमान आपूर्ति में 5 से 6 एमएलडी पानी की बढ़ोतरी होगी। अश्वनी खड्ड से पानी की आपूर्ति जनवरी, 2016 से बंद है, जिससे पानी की आपूर्ति में 9 से 10 एमएलडी पानी की कमी आ रही है।

    हि.प्र. पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री हरीश जनारथा ने कहा कि निश्चित समयावली पर पूरे शहर को एक समान पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाएगी।

    सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती विद्या स्टोक्स, शिमला नगर निगम आयुक्त श्री पंकज राय, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ श्री ए.के. बहरी, हि.प्र. राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के प्रबन्ध निदेशक श्री पी.सी. नेगी भी बैठक में उपस्थित थे।

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