News Flash: समाचार फ़्लैश:
  • राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की शुभकामनाएं दीं
  • राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
  • मुख्यमंत्री ने दिए सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार
  • रजनी पाटिल ने मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार भेंट
  • प्रदेश के विद्यालयों में 20 अप्रैल से आयोजित होंगे अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट शिविर
  • हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय
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  • हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की का एमएसपी 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम, चंबा जिला की पांगी घाटी के जौ का एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी का एमएसपी 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम तथा अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।
    मंत्रिमंडल ने पुलिस विभाग में 1000 पुलिस कांस्टेबल के पद सृजित कर इन्हें भरने का निर्णय लिया।
    बैठक मेें वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षक के पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया, जिसमें वन मित्रों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण रहेगा। 
    मंत्रिमंडल ने वन विभाग के लिए राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों से 8 नायब तहसीलदार, 20 कानूनगो और 44 पटवारियों को निश्चित मानदेय पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, विभाग के 10 क्षेत्रीय मंडलों में 10 विधि सलाहकार (लीगल कंसलटेंट) नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया।
    मंत्रिमंडल ने नए चिकित्सा महाविद्यालयों में क्लीनिकल और नॉन-क्लीनिकल विशेषज्ञता वाले शिक्षण स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए सेवानिवृत्त फैक्लटी मेम्बर्स को प्रोफेसर के रूप में नियुक्त करने को स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय से चिकित्सा महाविद्यालयों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित होगा।
    मंत्रिमंडल ने सिरमौर जिला में जल शक्ति विभाग के मण्डलों की प्रशासनिक व्यवस्था को निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर पुनर्गठित करने का निर्णय लिया ताकि विभाग जनता को बेहतर सुविधाएं आसानी से उपलब्ध करवा सके।
    बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सामाजिक सुरक्षा (पेंशन/भत्ता) नियम, 2010 के नियम 10 (2) और (3) में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
    मंत्रिमंडल ने फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) प्रक्रिया को सरल और अधिक सुगम बनाने को मंजूरी प्रदान की है। नए प्रावधानों का उद्देश्य व्यापार में सुगमता, आवासीय भवन मालिकों को लाभ पहुंचाना और अग्नि सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाना है।
    मंत्रिमंडल ने युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से 01 मई, 2026 से परमवीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन संजय कुमार की सेवाएं लेने का निर्णय लिया।
    मंत्रिमंडल ने हाइड्रो पावर पॉलिसी-2006 के अनुसार राज्य में स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों को 71 लघु जल विद्युत परियोजनाएं आवंटित करने का निर्णय लिया है जिन्होंने इस नीति के मुताबिक पात्रता मापदण्ड पूरे कर लिए हैं।
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  • रजनी पाटिल ने मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार भेंट
    पूर्व राज्यसभा सांसद और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की प्रभारी रजनी पाटिल ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।
    राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक हरीश जनारथा, सुदर्शन बबलू, विनोद सुल्तानपुरी तथा हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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  • मुख्यमंत्री ने दिए सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार
    9 लाभार्थियों को एक-एक लाख के चेक, 24 परिवारों को दिए पट्टे 
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य पर हिमाचल की विभूतियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में हिमाचल का नाम रोशन करने एवं उल्लेखनीय सेवाओं तथा कार्यों के लिए सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार से नवाजा। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन को विभागीय/संस्थान श्रेणी में और डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को विभागीय/संस्थान श्रेणी में एवं उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) बल्ह, जिला मंडी की स्मृतिका नेगी को व्यक्तिगत श्रेणी में सिविल सर्विसिस अवार्ड से सम्मानित किया गया। 
    जिला शिमला के भोंट की चारू शर्मा को और जिला किन्नौर की यंगथंग तहसील के चांगो गांव की छोनज़िन ऐंग्मो को व्यक्गित श्रेणी में प्रेरणा स्रोत सम्मान से नवाजा गया। भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य जिला सिरमौर की शिलाई तहसील के शरोग गांव की रितु नेगी, शिलाई तहसील के धकौली गांव की साक्षी शर्मा, शिलाई तहसील के मेलाह टेक गांव की पुष्पा, मंडी जिला के बेला गांव की भावन देवी और जिला चंबा की चुराह तहसील के बघाईगढ़ गांव की चंपा ठाकुर को ग्रुप श्रेणी में प्रेरणा स्रोत सम्मान से पुरस्कृत किया गया। चमियाणा अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ यूरोलॉजी को भी प्रेरणा स्रोत सम्मान प्रदान किया गया। 
    जिला बिलासपुर के बरठी के कंडयाणा गांव के पदम् श्री से अलंकृत प्रेम लाल गौतम, जिला हमीरपुर की नादौन तहसील के डांगरी गांव के डॉ. ओ.पी. शर्मा, अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाणा, जिला शिमला के प्रिंसिपल डॉ. ब्रिज शर्मा, शिमला निवासी हरलीन कौर और जिला बिलासपुर की घुमारवीं तहसील के बछरीन गांव की स्नेहलता को व्यक्तिगत श्रेणी में हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
    मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए किन्नौर पुलिस के एएसआई विकास गुलेरिया, हेड कांस्टेबल ललित कुमार तथा मेहर चंद को उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भीम सेन नेगी, कनिष्ठ अभियंता सुमित डोगरा और अशोक कुमार, टेक्नीशियन मेधर सिंह और संजीव कुमार को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमोें के प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। 
    कार्यक्रम के दौरान 24 परिवारों को मुख्यमंत्री ने एफ़आरए के तहत भूमि के पट्टे भी प्रदान किए।
    मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के 9 लाभार्थियों को पहली किश्त के रुप में एक-एक लाख रुपये के चेक भी प्रदान किए। यह राशि विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं को घर बनाने के लिए प्रदान की गई है, जिन्हें इस योजना के तहत तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। 
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  • राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल के लिए जारी होंगे दस करोड़ रुपयेः मुख्यमंत्री
    बालिका आश्रम व सैनिक विश्राम गृह के लिए 2-2 करोड़ रुपये देने की घोषणा 
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज किन्नौर जिला के कल्पा में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल और खेल छात्रावास के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को डे-बोर्डिंग स्कूल के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि समयबद्ध काम पूरा किया जा सके। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल भवन के लिए लोक निर्माण विभाग को दस करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की जाएगी। उन्होंने डे-बोर्डिंग स्कूल के परिसर में ही बालिका आश्रम के लिए चिन्हित भूमि पर भवन निर्माण के लिए भी दो करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए। 
    मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को डे-बोर्डिंग स्कूल व खेल छात्रावास के निर्माण कार्य की प्रगति की लगातार समीक्षा करने को कहा। 
    इससे पूर्व, रिकांगपिओ विश्राम गृह में किन्नौर जिला पूर्व सैनिक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट की और सैनिक विश्राम गृह के लिए निधि प्रदान करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों की मांग पर सैनिक विश्राम गृह भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। 
    मुख्यमंत्री ने रिकांगपिओ और कल्पा विश्राम गृह में जन समस्याएं भी सुनी और स्थानीय प्रशासन को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
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  • किन्नौर जिले के टापरी में मुख्यमंत्री ने भू-तापीय ऊर्जा आधारित फल सुखाने की इकाई का निरीक्षण किया
    दो वर्षों में 16,963 किलोग्राम फल किए गए प्रसंस्कृत
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज किन्नौर जिले के टापरी में स्थापित विश्व की पहली भू-तापीय ऊर्जा संचालित सेब कोल्ड स्टोरेज एवं फल सुखाने की संयुक्त इकाई का निरीक्षण किया। यह 1,000 टन क्षमता वाली सुविधा एचपीएमसी और आइसलैंड की एक कंपनी के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत विकसित की गई है।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में इस इकाई में कुल 16,963 किलोग्राम फलों का प्रसंस्करण किया गया है। इनमें से 5,105 किलोग्राम फल नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच, जबकि 11,948 किलोग्राम फल जून 2025 से जनवरी 2026 के बीच प्रसंस्कृत किए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह सुविधा स्थानीय लोगों के लिए और अधिक लाभकारी सिद्ध होगी।
    इस प्रणाली के अन्तर्गत फलों के भंडारण और सुखाने के लिए भू-तापीय ऊष्मा का उपयोग किया जाता है।
    यह क्षेत्र सबसे गर्म तापीय जलस्रोत के लिए भी जाना जाता है। बिजली पर निर्भर पारंपरिक प्रणालियों के विपरीत, यह इकाई फल सुखाने के लिए भू-तापीय ऊर्जा का उपयोग करती है और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों में एक नया मानक स्थापित करती है।
    इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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  • मुख्यमंत्री ने शोंगटोंग - कड़छम जलविद्युत परियोजना की प्रगति की समीक्षा की
    परियोजना का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश 
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अपने दो दिवसीय किन्नौर दौरे के दौरान सतलुज नदी पर बन रही 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग - कड़छम जल विद्युत परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। 
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परियोजना के पावरहाउस, सर्ज शाफ्ट और बैराज क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा उपस्थित अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने संबंधित विभाग को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा परियोजना के पहले चरण को जनवरी, 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए ताकि वर्तमान वित्त वर्ष के अंत तक परियोजना का कार्य पूरा किया जा सके।  
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार स्वच्छ ऊर्जा अधोसंरचना को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है और हिमाचल में सतत् विकास को बढ़ावा देने पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को बढ़ाने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में मजबूत निगरानी व्यवस्था और बेहतर परियोजना के माध्यम से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। स्थल-विशिष्ट समस्याओं के समाधान के लिए तकनीकी उपाय भी लगातार अपनाए जा रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य में गति आई है। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में परियोजना का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। बैराज, हेड रेस टनल और पावरहाउस जैसे प्रमुख सिविल कार्य अंतिम चरण में हैं, जबकि विद्युत एवं यांत्रिक कार्य भी चरणबद्ध तरीके से निर्धारित समयानुसार प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष लगभग 1,579 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है, जिससे राज्य की ऊर्जा क्षमता और ग्रिड स्थिरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। 
    श्री सुक्खू ने कहा कि यह परियोजना हिमाचल की अर्थव्यवस्था में प्रतिवर्ष लगभग 900 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
    राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक, उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे। 
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