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  • मुख्यमंत्री ने पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त किया
  • प्रदेश सरकार ने सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के लिए 3,100 शिक्षकों की नियुक्ति को दी मंजूरी
  • मुख्यमंत्री ने करवा चौथ की शुभकामनाएं दीं
  • जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को दी जाएगी पीजी करने की अनुमतिः मुख्यमंत्री
  • राज्यपाल ने करवा चौथ पर शुभकामनाएं दी
  • प्रदेश सरकार ने एआईएमएसएस चमियाना में विभिन्न पदों और सेवाओं को स्वीकृति प्रदान की
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  • जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को दी जाएगी पीजी करने की अनुमतिः मुख्यमंत्री
     
    आईजीएमसी शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग खोले जाएंगेः मुख्यमंत्री
    जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति की तिथि से मिलेंगे जीडीओ के लाभः मुख्यमंत्री
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां नवनियुक्त चिकित्सा अधिकारियों और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा अधिकारियों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को पीजी/एसएस नीति के प्रावधानों की समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने की सुविधा प्रदान की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेजिडेंट्स/ट्यूटर स्पेशलिस्ट की भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने, सेवा संबंधी मामलों में स्पष्टता लाने और राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में योग्य चिकित्सा विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं।
    मुख्यमंत्री ने विभाग को पीजी/एसएस नीति में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए, ताकि इन-सर्विस जनरल ड्यूटी ऑफिसर्ज (जीडीओ) के लिए आरक्षित 66.6 प्रतिशत कोटे के तहत स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम, जिसमें पीजी (एमडी/एमएस) और पीजी (एमडीएस) भी शामिल हैं, में जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को पीजी करने की अनुमति मिल सके। उन्होंने कहा कि संबंधित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद इन चिकित्सा अधिकारियों को अपनी नियुक्ति अवधि से शेष अवधि जॉब ट्रेनी के रूप में सेवाएं देनी होंगी। उन्होंने पाठ्यक्रम अवधि के दौरान प्रदेश में उनके वेतन और अन्य लाभ के लिए भी उचित प्रावधान करने के निर्देश दिए।
    श्री सुक्खू ने विभाग को पीजीआई चंडीगढ़ और एम्स नई दिल्ली से पीजी करने वाले चिकित्सकों को प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेजिडेंट्स/ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रिक्त पदों पर नियुक्त करने के प्रावधान करने के भी निर्देश दिए। ऐसी नियुक्तियां डायरेक्ट कैंडिडेट्स के लिए आरक्षित 33.33 प्रतिशत कोटे के तहत एमबीबीएस और स्नातकोत्तर परीक्षाओं में प्राप्त अंकों की मैरिट के आधार पर की जाएंगी। इसके लिए लिखित परीक्षा या साक्षात्कार नहीं लिया जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, जिला कांगड़ा में जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग स्थापित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जॉब ट्रेनी चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति तिथि से जनरल ड्यूटी ऑफिसर्स (जीडीओ) को मिलने वाले सभी लाभ प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसरों को नियमितीकरण के लिए दोबारा परीक्षा देने से छूट प्रदान करने के विषय पर सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, स्पष्ट सेवा शर्तें और योग्य डॉक्टरों को पर्याप्त अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों के सुदृढ़ीकरण, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार प्रमुखता से कदम उठा रही है। 
    श्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आम जनता को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पिछले चार वर्षों के दौरान अनेक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। प्रदेश के चार चिकित्सा संस्थानों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जिससे मरीजों को प्रदेश के सरकारी संस्थानों में ही आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम चिकित्सा पद्धतियों से परिचित करवाने और उन्हें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में अपनाने के उद्देश्य से विदेशों में अनुभव प्राप्त करने के लिए एक्सपोजर विजिट पर भेज रही है।
    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वीकृत पदों की तुलना में केवल 35 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यरत थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने और वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की दिशा में कार्य कर रही है।
    इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, सचिव (स्वास्थ्य) आशीष सिंहमार, प्रबंध निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन प्रदीप ठाकुर, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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  • इंटर्नशिप स्टाइपंड बढ़ाने पर प्रदेश सरकार करेगी विचारः मुख्यमंत्री
     
     
     
    मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों से किया संवाद
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उनके विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से चिकित्सा शिक्षा, आर्थिक सहायता, कॉलेज के बुनियादी ढांचे, विदेश में एक्सपोजर विजिट और पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
    द्वितीय वर्ष की छात्रा बबीता ने मुख्यमंत्री से पूछा कि विद्यार्थियों को आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई न छोड़नी पड़े, इसके लिए राज्य सरकार क्या कदम उठा रही है? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के अंतर्गत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विद्यार्थी धन के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। एमबीबीएस छात्र आयान चोपड़ा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को अग्रणी चिकित्सा संस्थान बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में पूछा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाने के लिए नई व्यवस्था के तहत लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों को जोड़कर मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिल सकें।
    एमबीबीएस छात्रा प्रतिभा ने चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर को सुरक्षित बनाने तथा इसके आधारभूत अधोसंरचना के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज में आधुनिक एम्फिथियेटर, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 300-300 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्र-छात्राओं के होस्टल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि जापान की कंपनी के सहयोग से चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर का लेआउट प्लान तैयार किया गया है। भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, कैंसर अस्पताल, डेंटल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना है। इसके साथ ही संस्थान में शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
    विद्यार्थी निशांत ने मेडिकल छात्रों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने के संबंध में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से पीजी और एमबीबीएस के 10-10 विद्यार्थियों का चयन लगभग पूरा हो चुका है। चयनित विद्यार्थियों को जल्द ही विदेश भेजा जाएगा, जहां वे चिकित्सा क्षेत्र की सर्वोत्तम कार्यप्रणाली का अध्ययन कर सकेंगे।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पीजी सीटों की संख्या पहले आठ थी, जो अब बढ़कर 57 हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पहले कुल 277 पीजी सीटें थीं। राज्य सरकार के प्रयासों से इस वर्ष 320 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं, जिससे प्रदेश में पीजी सीटों की कुल संख्या बढ़कर 597 हो गई है।
    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एमबीबीएस विद्यार्थियों की इंटर्नशिप के दौरान मिलने वाले स्टाइपेंड में वृद्धि करने पर विचार कर रही है। इसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान करने के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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  • मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अकादमिक ब्लॉक का किया लोकार्पण
     
     
     
    एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज का शुभारंभ किया, चार पाठ्यक्रमों के लिए 210 सीटें उपलब्ध
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अकादमिक ब्लॉक का लोकार्पण किया। यह कदम चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में मील पत्थर साबित होगा। 
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज, हमीरपुर का भी शुभारंभ किया। इस कॉलेज में कुल 210 सीटों के साथ चार पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनमें बैचलर ऑफ मेडिकल लैब साइंस की 60 सीटें, बैचलर ऑफ रेडियोलॉजी की 60 सीटें, बैचलर ऑफ एनेस्थीसिया की 60 सीटें तथा डायलिसिस की 30 सीटें शामिल हैं।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चिकित्सकों और अन्य चिकित्सा पेशेवरों को सहयोग प्रदान करने तथा मरीजों की सुविधा के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एलाइड एंड हेल्थकेयर शिक्षा को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत से स्वास्थ्य क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद मिलेगी।
    उन्होंने कहा कि एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अवसरों के नए द्वार खोलेगा और युवाओं के लिए शैक्षणिक अवसरों का विस्तार करेगा। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न विशिष्ट क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी योगदान देगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनिर्मित अकादमिक ब्लॉक, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर के संस्थागत बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करेगा तथा गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि करेगा। इससे क्षेत्र के लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी और उन्हें बेहतर उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। 
    इसके पश्चात, मुख्यमंत्री ने 4.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के आवासीय परिसर का उद्घाटन किया।
    उन्होंने 1.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्ट्रीट फूड पार्क तथा 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाल देखभाल संस्थान, हमीरपुर की आधारशिला भी रखी।
     
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  • स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले 40 वर्षों में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक सुधार हो रहा हैः मुख्यमंत्री
     
     
    डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के नए अकादमिक ब्लॉक का किया शुभारंभ, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर दिया बल
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर के नए अकादमिक ब्लॉक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार सुनिश्चित कर रही है और पिछले 40 वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परंपरागत तरीके से काम करने के बजाय आधुनिक तकनीक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है, ताकि आने वाले दस वर्षों में देश के अन्य क्षेत्रों से भी लोग उपचार के लिए हिमाचल प्रदेश आएं। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एमआरआई, 3 टेस्ला एमआरआई सहित अन्य अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को अपने घर के नजदीक बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार चिकित्सा महाविद्यालयांे में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जबकि उत्तर भारत के किसी भी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमेटेड लैब स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाले चिकित्सकों के बॉन्ड संबंधी प्रावधानों में छूट देने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीएससी नर्सिंग और रेडियोग्राफर प्रशिक्षण की सीटों में वृद्धि की है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान करते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक मशीनों और चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ संवेदनशील एवं मरीज-केंद्रित व्यवहार भी आवश्यक है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालय के बाद अब हमीरपुर और नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालयों में भी मरीजों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एमबीबीएस के विद्यार्थियों को 60-60 के बैच में पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में देश का पहला एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज शुरू किया गया है। इस वर्ष यहां चार पाठ्यक्रम आरंभ किए गए हैं, जबकि अगले वर्ष चार और नए पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को एलाइड एंड हेल्थकेयर क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
    इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू हिमाचल प्रदेश ओबीसी वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, एपीएमसी के अध्यक्ष अजय शर्मा, हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के समन्वयक नरेश ठाकुर, उप-संयोजक संजय भारद्वाज, जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर की अध्यक्ष सुमन भारती, कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र वर्मा, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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  • देवताओं के नजराने में 5 प्रतिशत, बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी
     
     
     
    मुख्यमंत्री ने कुल्लू दशहरे के समापन अवसर पर की घोषणा
    भुंतर में विद्युत सब-डिवीजन खोलने की घोषणा की
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज अतंरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा-2026 के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए देवी-देवताओं के नजराने में पांच प्रतिशत तथा बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने और देवताओं के मुख्य गूर को 1100 रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कुल्लू जिला के लेफ्ट बैंक को जोड़ने के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये और मणिकर्ण सड़क के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने भुंतर में सीवरेज प्रणाली निर्माण के लिए 22 करोड़ रुपये प्रदान करने और विद्युत सब-डिवीजन खोलने तथा विद्युत कमांड-बारा मार्ग के लिए 50 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की भी घोषणा की।
    मुख्यमंत्री ने दशहरा उत्सव में प्रतिभागी महिला मंडलों को 35-35 हजार रुपये की सम्मान राशि देने तथा बजौरा स्कूल में विज्ञान भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ की राशि स्वीकृत करने की घोषणा भी की। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कुल्लू जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगी, ताकि जिला के लोगों को यहां बेहतर उपचार सुविधा मिल सके। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सों और पैरा मेडिकल स्टाफ को नियुक्त करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला अस्पताल में विश्व स्तरीय तकनीक की सुविधा प्रदान करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कृत संकल्प है और इसी दिशा में अब अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर शीघ्र ही 40 रुपये किया जाएगा ताकि ग्रामीणों की आमदनी में बढ़ोतरी हो सके। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास नहीं किए गए। वर्तमान प्रदेश सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में अनेक महत्वाकांक्षी पहल की गई हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब दशहरा उत्सव का वास्तव में अंतरराष्ट्रीय स्तरीय आयोजन हो रहा है तथा हर वर्ष इसे और ज्यादा बेेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प कुल्लू दशहरा आयोजन में भी परिलक्षित हो रहा है।   
    उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में आई आपदा के दौरान कुल्लू जिला में सबसे ज्यादा क्षति हुई लेकिन मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों के साथ वे स्वयं दिन-रात यहां लोगों को राहत पहुंचाने के धरातल पर निरंतर कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान कुल्लू के लोगों ने पर्यटकों को राहत पहुंचाने के लिए सराहनीय कार्य किया। इस सेवा भाव को देश-विदेश के लोग कभी नहीं भुला पाएंगे।
    प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमों तथा कानून में बदलाव किया गया। गृह निर्माण के लिए अनुदान राशि को डेढ़ लाख रुपये से बढ़कर 8 लाख रुपये किया गया है ताकि उनका बेहतर पुनर्वास सुनिश्चित हो सके। 
    श्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर भाजपा दुष्प्रचार कर रही है जबकि राज्य सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। 
      उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और बहुत जल्द इसके लिए कई योजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी वर्गों के सहयोग की आवश्यकता है।
    मुख्यमंत्री ने कुल्लू कार्निवाल को हरी झंडी दिखाई। इस कार्निवाल में 600 से ज्यादा महिलाओं और कलाकारों ने भाग लिया। 
    विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कुल्लू दशहरा के आयोजन में किसी भी प्रकार की कमी न रखने के आदेश दिए थे और सभी ने इसमें पूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने कुल्लू दशहरा के आयोजन के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, जन प्रतिनिधियों और सभी वर्गों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह आयोजन सफल हो पाया है। उन्होंने कहा कि उत्सव में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों ने भाग लेकर इसे देश-विदेश में ख्याति दिलाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सांस्कृतिक दलों को विदेशों में भेजने के प्रयास कर रही है, ताकि वहां के लोग भी हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकें। 
    हिमाचल प्रदेश में देव परंपराओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से ही कुल्लू दशहरा उत्सव संपन्न होता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अधिक संख्या में देवी-देवताओं और लोगों ने दशहरा उत्सव में भाग लिया।
    विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मुख्यमंत्री का कुल्लू जिला में पधारने पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दूरदर्शी सोच के साथ कार्य कर रहे हैं और सभी वर्गोें को साथ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य किए जा रहे हैं, विशेष रूप में महिलाओं और अनाथ बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भुट्टी विवर्ज सांस्कृतिक दल को प्रथम, सूत्रधार कला संगम को दूसरा और युवा कला मंच को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
    भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह, एपीएमसी के अध्यक्ष राम सिंह मियां, पूर्व विधायक किशोरी लाल, जिला अध्यक्ष सेस राम आजाद, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंघमार, मंडल आयुक्त आर. के. प्रुथी, उपायुक्त अमित शर्मा, पुलिस अधीक्षक अभिषेक एस. एवं अन्य गणमान्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
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  • मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 की छठी सांस्कृतिक संध्या की अध्यक्षता की
     
     
     
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार देर सांय लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2026 की छठी सांस्कृतिक संध्या की बतौर मुख्यातिथि अध्यक्षता की और प्रदेशवासियों को उत्सव की शुभकामनाएं दीं। 
    इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने रथ मैदान में विधिवत रूप से कुल्लू की लोक परंपरा के अनुसार लालड़ी नृत्य का शुभारंभ किया और इसमें भाग भी लिया।  
    रथ मैदान में आयोजित लेज़र व ड्रोन शो तथा ग्लोबल डांस सभी के आकर्षण का केन्द्र रहे। ग्लोबल डांस में इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, अमेरिका, थाईलैंड, मलेशिया, मिस्र, श्रीलंका और नेपाल के कलाकारों के साथ आईसीसीआर के विद्यार्थी दल ने प्रस्तुतियां दी। भारतीय सांस्कृतिक दलों में हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान, केरल की कथकली और मणिपुर के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके साथ सांस्कृतिक फ्यूजन पर आधारित कार्यक्रम ने भी लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।
    सांस्कृतिक संध्या के अंतिम दिन सूफी गायक डॉ. सतिंदर सरताज की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
    इस अवसर पर एआईसीसी के सचिव विदित चौधरी, कुल्लू के विधायक एवं अंतरराष्ट्रीय दशहरा आयोजन समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक सुरेश कुमार, महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, उपायुक्त डॉ. अमित शर्मा तथा पुलिस अधीक्षक अभिषेक सेकर सहित गणमान्य उपस्थित थे। 
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