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  • राज्यपाल ने अखिल भारतीय कलाकार संघ के वार्षिक समापन समारोह की अध्यक्षता की
  • राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने राज्यपाल से भेंट की
  • राज्य सरकार ने अध्ययन अवकाश लाभों में वृद्धि की, उच्च शिक्षा के दौरान कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन
  • मुख्यमंत्री ने नाविक आदित्य शर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया
  • मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में आरडीजी सहित हिमाचल हितों के मुद्दे प्रमुखता से उठाए
  • आपदा प्रबंधन पर टेबल टॉप अभ्यास आयोजित
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  • मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल बैठक में आरडीजी सहित हिमाचल हितों के मुद्दे प्रमुखता से उठाए
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में भाग लिया। बैठक का विषय ‘विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ था।
    बैठक में देशभर में समावेशी विकास सुनिश्चित करने तथा विकसित भारत के दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में परिवर्तित करने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। 
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के समक्ष मौजूदा वित्तीय चुनौतियों को प्रमुखता से उठाते हुए प्रधानमंत्री से राज्य के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आग्रह किया, जो राजस्व घाटा अनुदान की समाप्ति, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान, जलविद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली के हिस्से में कमी तथा जीएसटी व्यवस्था से उत्पन्न राजस्व हानि का आकलन कर सके।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति में हिमाचल प्रदेश महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है, लेकिन उक्त परिस्थितियों के कारण राज्य को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार राज्य को उसका न्यायोचित हिस्सा प्रदान करने का अनुरोध किया।
    उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान की समाप्ति से प्रदेश की अर्थव्यवस्था बहुत प्रभावित हुई है। राज्य को प्रदान किए गए 25,000 करोड़ रुपये इस नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने विकास गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए इस राशि को बढ़ाकर 50,000 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का ‘ग्रीन फ्रंटियर’ है और विकसित भारत के लक्ष्य को वास्तविक रूप देने के लिए केंद्र सरकार को राज्य की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के एक अध्ययन के अनुसार हिमाचल प्रदेश देश को प्रतिवर्ष लगभग 90,000 करोड़ रुपये मूल्य की पारिस्थितिकीय सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके अनुरूप राज्य को कोई पर्याप्त आर्थिक प्रतिपूर्ति नहीं मिल रही है।
    उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 13,000 मेगावाट विद्युत उत्पादन होने के बावजूद राज्य को मुफ्त बिजली का उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। इसके अतिरिक्त भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से राज्य को लगभग 7,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि भी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का सबसे अधिक प्रभाव झेलने के बावजूद प्रदेश को केंद्र द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि का अभी भी इंतजार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसटी व्यवस्था के कारण पिछले आठ वर्षों में राज्य को लगभग 25,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा है।
    मुख्यमंत्री ने मानव विकास सूचकांकों में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश वर्ष 2025 में पूर्ण साक्षर घोषित हुआ तथा वर्ष 2026 में स्कूल शिक्षा प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक में राज्य में छठा स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2022 में उनकी सरकार के कार्यभार संभालने के समय राज्य इस सूचकांक में 21वें स्थान पर था। उच्च शिक्षा में प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात 43 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से 28.4 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में भी राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख किया।
    श्री सुक्खू ने कहा कि सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, पंप स्टोरेज तथा बैटरी स्टोरेज जैसी पहलों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने चंद्रभागा-रावी-ब्यास लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान राज्य के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के लगभग 1.5 लाख निर्धन परिवारों की पहचान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
    मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर हवाई संपर्क की आवश्यकता पर बल देते हुए गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार और विकास का मुद्दा उठाया, ताकि हिमाचल प्रदेश को ‘वन स्टेट, वन इंटरनेशनल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किया जा सके।
    उन्होंने बच्चों के पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच डेटा साझाकरण को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित, सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित तथा साक्ष्य-आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
    मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने खुफिया तंत्र को सुदृढ़ बनाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।
    बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उप-राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, विशेष आमंत्रित सदस्य, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य व मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के.के. पंत भी उपस्थित थे। 
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  • राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष ने राज्यपाल से भेंट की
    राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य और आयोग के सदस्यों निरुपम चकमा व डॉ. आशा लकड़ा ने आज यहां लोकभवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। 
    आयोग के संयुक्त सचिव अमित निर्मल, निदेशक पुरेंदु कांत एवं पी. कल्याण रेड्डी भी उनके साथ शामिल थे। 
    आयोग हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर शिमला में हैं। 
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  • राज्यपाल ने अखिल भारतीय कलाकार संघ के वार्षिक समापन समारोह की अध्यक्षता की

    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज यहां कालीबाड़ी मन्दिर के सभागार में आयोजित अखिल भारतीय कलाकार संघ के 71वें वार्षिक समारोह एवं अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता की।
    इस अवसर पर राज्यपाल ने भारतीय कला, संस्कृति एवं राष्ट्रीय एकता के संवर्धन में अखिल भारतीय कलाकार संघ के सात दशकों से अधिक समय से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संस्था देश के कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही है तथा रंगमंच, नृत्य, संगीत और अन्य प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
    राज्यपाल ने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का एक प्रभावशाली माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि कलाकार संस्कृति के परिचायक होते हैं और समाज के निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।
    कविन्द्र गुप्ता ने युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, रंगमंच को बढ़ावा देने तथा उभरते कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए अखिल भारतीय कलाकार संघ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
    राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश, विशेषकर शिमला के साथ अखिल भारतीय कलाकार संघ के पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था राज्य की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बन चुकी है। देश के विभिन्न भागों से कलाकार पीढ़ियों से शिमला आते रहे हैं। वे यहां न केवल अपनी प्रस्तुतियां देते हैं, बल्कि रचनात्मकता, उत्कृष्टता और भाईचारे की इस जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा भी बनते हैं।
    समारोह में देश के 18 राज्यों से आए 800 से अधिक कलाकारों ने भाग लेकर अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
    इस अवसर पर राज्यपाल ने सतीश वर्मा और दिनेश खन्ना को कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बलराज साहनी पुरस्कार से सम्मानित किया।  
    इससे पूर्व, राज्यपाल ने कालीबाड़ी मंदिर में शीश नवाया।
    कार्यक्रम में अखिल भारतीय कलाकार संघ के अध्यक्ष रोहिताश गौढ़ तथा उपाध्यक्ष रेखा गौढ़ भी उपस्थित थे।.0.

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  • राज्यपाल ने अखिल भारतीय कलाकार संघ के वार्षिक समापन समारोह की अध्यक्षता की
    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज यहां कालीबाड़ी मन्दिर के सभागार में आयोजित अखिल भारतीय कलाकार संघ के 71वें वार्षिक समारोह एवं अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता की। 
    इस अवसर पर राज्यपाल ने भारतीय कला, संस्कृति एवं राष्ट्रीय एकता के संवर्धन में अखिल भारतीय कलाकार संघ के सात दशकों से अधिक समय से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संस्था देश के कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही है तथा रंगमंच, नृत्य, संगीत और अन्य प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
    राज्यपाल ने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का एक प्रभावशाली माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि कलाकार संस्कृति के परिचायक होते हैं और समाज के निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। 
    कविन्द्र गुप्ता ने युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, रंगमंच को बढ़ावा देने तथा उभरते कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए अखिल भारतीय कलाकार संघ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
    राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश, विशेषकर शिमला के साथ अखिल भारतीय कलाकार संघ के पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था राज्य की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बन चुकी है। देश के विभिन्न भागों से कलाकार पीढ़ियों से शिमला आते रहे हैं। वे यहां न केवल अपनी प्रस्तुतियां देते हैं, बल्कि रचनात्मकता, उत्कृष्टता और भाईचारे की इस जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा भी बनते हैं।
    समारोह में देश के 18 राज्यों से आए 800 से अधिक कलाकारों ने भाग लेकर अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। 
    इस अवसर पर राज्यपाल ने सतीश वर्मा और दिनेश खन्ना को कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बलराज साहनी पुरस्कार से सम्मानित किया।  
    इससे पूर्व, राज्यपाल ने कालीबाड़ी मंदिर में शीश नवाया। 
    कार्यक्रम में अखिल भारतीय कलाकार संघ के अध्यक्ष रोहिताश गौढ़ तथा उपाध्यक्ष रेखा गौढ़ भी उपस्थित थे।.0.
     
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  • अनुसूचित जनजाति आयोग ने जनजातीय विकास की दिशा में हिमाचल सरकार के प्रयासों को सराहा
    राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास और इन क्षेत्रों में रह रहे लोगों की कल्याण की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की है।
    हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर शिमला आए आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने आज यहां विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ जनताजीय क्षेत्रों की समस्याओं और इनक समाधान के संदर्भ में समीक्षा बैठक की। 
    आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश जनजातीय विकास की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल आपूर्ति जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 
    विभिन्न विभागों के कार्यांे की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के दृष्टिगत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। आयोग के सदस्य निरुपम चकमा और डॉ. आशा लकड़ा ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव और निर्देश जारी किए। 
    आयोग के अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रांे में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मामलों को निपटाने की दिशा में तेजी लाए ताकि अधिनियम के अंतर्गत पात्र लोगों को शीघ्र व्यक्तिगत लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
    उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि देश के कई अन्य राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिक्कल सेल एनीमिया का कोई मामला सामने नहीं आया है।
    इससे पूर्व, आयोग ने आज प्रातः ‘युवा संसद’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं के साथ बातचीत की। इस दौरान युवाओं ने जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
    इसके उपरांत आयोग ने जनजातीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों, वन संरक्षण समितियों तथा वन अधिकार हितग्राहियों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ भी बैठक की, जिसमें जनजातीय समुदायों से संबंधित विभिन्न मुद्दों एवं वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। 
    बैठक में जनजातीय हितों के संरक्षण, कल्याण एवं विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान हाटी समुदाय, गुज्जर, गद्दी, किन्नौरा तथा राज्य के अन्य जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को आयोग के समक्ष रखा।
    आयोग के अध्यक्ष ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि प्रस्तुत समस्याओं एवं सुझावों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को अधिक से अधिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
    कार्यक्रम स्थल पर सिक्कल सेल एनीमिया स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया।
    आयोग ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम, लोक निर्माण विभाग के साथ जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद आयोग ने प्रदेश के सांसदों और विधायकों के साथ भी बैठक की।
    अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।  
    राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संयुक्त सचिव अमित निर्मज, निदेशक पुरेंदु कांत एवं पी. कल्याण रेड्डी तथा प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष बैठक में शामिल हुए।
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  • जनकल्याणकारी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग ले युवाः राज्यपाल
    रक्तदान एवं निःशुल्क दंत स्वास्थ्य जांच शिविर में लिया भाग
     
    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर एवं निःशुल्क दंत स्वास्थ्य जांच शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
    राज्यपाल ने राज्य रेडक्रॉस सोसायटी तथा समाज के प्रति रक्तदाताओं के  अमूल्य प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा पीड़ितों एवं जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ करुणा और सामुदायिक कल्याण की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महान कार्य है, जिसमें जीवन बचाने और जरूरतमंद लोगों को नई आशा देने की क्षमता होती है। उन्होंने युवाओं से ऐसे मानवीय एवं जनहितकारी कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।
    कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने मोबाइल डेंटल क्लिनिक वैन का निरीक्षण किया और विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को गुणवत्तापूर्ण दंत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
    राज्यपाल ने रक्तदाताओं को प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
    उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी को निरंतर सहयोग देने तथा वर्षों से नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए राजकुमार को सम्मानित किया।
    इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी की सदस्य डॉ. साधना ठाकुर, डॉ. किमी सूद, जन स्वास्थ्य दंत चिकित्सा विभाग आईजीएमसी के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भारद्वाज, रक्तदाता तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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