Shimlaशिमला   No.595/2026 10th June 2026

अनुसूचित जनजाति आयोग ने जनजातीय विकास की दिशा में हिमाचल सरकार के प्रयासों को सराहा

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के विकास और इन क्षेत्रों में रह रहे लोगों की कल्याण की दिशा में प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की है।
हिमाचल प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर शिमला आए आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने आज यहां विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ जनताजीय क्षेत्रों की समस्याओं और इनक समाधान के संदर्भ में समीक्षा बैठक की। 
आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश जनजातीय विकास की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल आपूर्ति जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 
विभिन्न विभागों के कार्यांे की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के दृष्टिगत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। आयोग के सदस्य निरुपम चकमा और डॉ. आशा लकड़ा ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव और निर्देश जारी किए। 
आयोग के अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रांे में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मामलों को निपटाने की दिशा में तेजी लाए ताकि अधिनियम के अंतर्गत पात्र लोगों को शीघ्र व्यक्तिगत लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि देश के कई अन्य राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिक्कल सेल एनीमिया का कोई मामला सामने नहीं आया है।
इससे पूर्व, आयोग ने आज प्रातः ‘युवा संसद’ कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं के साथ बातचीत की। इस दौरान युवाओं ने जनजातीय समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
इसके उपरांत आयोग ने जनजातीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों, वन संरक्षण समितियों तथा वन अधिकार हितग्राहियों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ भी बैठक की, जिसमें जनजातीय समुदायों से संबंधित विभिन्न मुद्दों एवं वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। 
बैठक में जनजातीय हितों के संरक्षण, कल्याण एवं विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान हाटी समुदाय, गुज्जर, गद्दी, किन्नौरा तथा राज्य के अन्य जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लेते हुए अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को आयोग के समक्ष रखा।
आयोग के अध्यक्ष ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि प्रस्तुत समस्याओं एवं सुझावों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को अधिक से अधिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम स्थल पर सिक्कल सेल एनीमिया स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया।
आयोग ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम, लोक निर्माण विभाग के साथ जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद आयोग ने प्रदेश के सांसदों और विधायकों के साथ भी बैठक की।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।  
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संयुक्त सचिव अमित निर्मज, निदेशक पुरेंदु कांत एवं पी. कल्याण रेड्डी तथा प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष बैठक में शामिल हुए।
.0.
 

You Are Visitor No.हमारी वेबसाइट में कुल आगंतुकों 10855090

Nodal Officer: UC Kaundal, Dy. Director (Tech), +919816638550, uttamkaundal@gmail.com

Copyright ©Department of Information & Public Relations, Himachal Pradesh.
Best Viewed In Mozilla Firefox