Shimlaशिमला   No.49/2026-PUB 9th January 2026

मुख्यमंत्री ने छात्र संसद में नामी संस्थानों के छात्रों से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने छात्र संसद में नामी संस्थानों के छात्रों से किया संवाद

हिमाचल प्रदेश देश का ‘हैप्पीएस्ट स्टेट’: मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां छात्र संसद कार्यक्रम के तहत शिमला आए छात्रों से प्रदेश सचिवालय में संवाद किया। देश के प्रतिष्ठित आईआईटी, आईआईएम और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सहित नामी शैक्षणिक संस्थानों के छात्र इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी साझा करते हुए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रदेश के विकासात्मक मानकों को इंगित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का ‘हैप्पीएस्ट स्टेट’ है। उन्होंने छात्रों के एक सवाल के जवाब में कहा कि सफलता के लिए समर्पण, नैतिकता, पारदर्शिता सहित नेतृत्व गुणों का समावेश किसी भी व्यक्तित्व के लिए नितान्त आवश्यक है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र प्राचीन काल से ही विद्यमान है। यहां की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और मानवीय सरोकारों की देश विदेश में अलग पहचान है।
उन्होंने गुड गवर्नमेंट के लिए गुड गवर्नेंस की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए बदलावों और सुधारों से भी छात्रों को अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हरित हिमाचल के ध्येय के साथ अनेक नवोन्मेषी पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और वर्ष 2032 तक देश का समृद्धतम राज्य बनेगा।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हिमाचल सरकार पैट्रो ईंधन आधारित वाहनों को चरणबद्ध तरीक़े से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदल रही है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर प्रदेश सरकार विशेष ध्यान दे रही है। इस संदर्भ में उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना सहित विभिन्न पहलों पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी दस वर्षों में प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आयेगा। छात्रों को भविष्य की ज़रूरतों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के आधार पर गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए अभिनव प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। विभिन्न स्तरों पर युक्तिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नैसर्गिक सौंदर्य और अलौकिक प्राकृतिक सुन्दरता की दृष्टि से भी राज्य की अलग पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लड़कियां हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
छात्रों ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर सवाल भी पूछे।
छात्र संसद एक ऐसा कार्यक्रम है, जो विद्यार्थियों को सिर्फ़ किताबी ज्ञान नहीं बल्कि संसद, विधानसभा और प्रशासन के कामकाज का सीधा अनुभव देकर उन्हें देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार करता है।
इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवीनीकरण, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, छात्र संसद के अध्यक्ष आदित्य बेगड़ा, छात्र संसद के पदाधिकारी शशांक शेखर पांडेय, मानस तिवारी, और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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