विभिन्न योजनाओं का किया आगाज़
4 संस्थाओं व उपक्रमों के साथ समझौता ज्ञापन किए हस्ताक्षरित
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज पीटरहॉफ, शिमला में आयोजित ‘स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर’ के तहत सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर हिमाचल प्रदेश निरंतर सकारात्मक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और नागरिकों की उभरती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार शहरी विकास की नई, समावेशी और टिकाऊ दिशा निर्धारित कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना, 15 म्यूिनसिपल शेयरड सर्विसेज़ सेंटरज, 09 ऑनलाइन सर्विसेज़, मुख्यमंत्री शहरी डिजिटल पहचान योजना, स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत पुरस्कार योजना, सेंट्ररल बिज़िनेस डिस्ट्रिक्ट-हमीरपुर एवं शिमला तथा शहरी विकास विभाग में हाइड्रोलिक पार्किंग का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी लघु दुकानदार सुख कल्याण योजना के लाभार्थियों को सेटलमेंट लेटर तथा अमृत मित्र योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को अवार्ड लेटर प्रदान किए। उन्होंने सराहनीय कार्य के लिए शहरी स्थानीय निकायों को पुरस्कृत भी किया।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शहरी विकास विभाग ने 4 संस्थाओं तथा उपक्रमों के साथ विकास कार्यों के दृष्टिगत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए।
मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभाग की सराहना करते हुए कहा कि शहरी निकायों में एक ही पोर्टल पर सभी जन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हिम सेवा सुविधा पोर्टल इस तरह की सेवाएं प्रदान करने वाला देश में सबसे अनूठा प्रयास है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिमला सब्ज़ी मंडी में लगभग 400 करोड़ रूपये की लागत से शॉपिंग कम्पलेक्स बनाया जाएगा। हमीरपुर में शहर के सौंदर्यीकरण के लिए 150 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे। हमीरपुर में ओल्ड बस स्टैंड के स्थान पर आधुनिक शैली से शॉपिंग काम्पलेक्स बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग के तहत प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदित 707 करोड़ रूपये की योजनाएं शीघ्र ही कार्यान्वित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही शिमला शहर में 500 करोड़ रूपये की लागत से अतिरिक्त सुविधाओं का विकास किया जाएगा। नगर निगम शिमला क्षेत्र की तर्ज़ पर प्रदेश की अन्य नगर निगम क्षेत्र में यूटिलिटी डक्ट बनाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि बद्दी के समीप बनाए जाने वाले विश्व स्तरीय हिम-चण्डीगढ़ शहर के दृष्टिगत शीघ्र ही कन्सलटेंट नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी स्थानीय निकायों में कामकाजी व्यवस्था को मजबूत करने, जन भागीदारी बढ़ाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नवोन्मेषी पहल कर रही है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी निरन्तर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा नवंबर, 2024 तक प्रदेश में 60 शहरी स्थानीय निकाय कार्यरत थे, जबकि अब प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और अधिक क्षेत्रों को शहरी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता के साथ 75 सशक्त शहरी स्थानीय निकायों का सुदृढ़ ढांचा स्थापित किया गया है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कोई भी योजना तभी सार्थक होती है; जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना के अंतर्गत शहरी ग़रीबों को 120 दिनों का सुनिश्चित रोज़गार प्रदान किया जा रहा है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तकनीक भविष्य के शहरी विकास का मजबूत आधार बन रही है। इसके माध्यम से राजस्व वृद्धि, कर संग्रहण में पारदर्शिता और संपत्ति सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। वर्तमान में 36 शहरी स्थानीय निकायों में जीआईएस आधारित मैपिंग कार्य आरंभ किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने छोटे दुकानदारों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ऐसे दुकानदारों, जिन पर एक लाख रुपये तक का ऋण बक़ाया है और जिन्हें बैंकों द्वारा गै़र-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित किया गया है, उन्हें एक लाख रुपये तक की एकमुश्त भुगतान सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार, जिन दुकानदारों पर एक लाख से दो लाख रुपये तक का बक़ाया ऋण है, उन्हें भी एक लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नागरिक सेवा मंच के माध्यम से शहरी सेवाओं को डिजिटल युग से जोड़ा गया है। पहले चरण में नौ ऑनलाइन सेवाएं प्रारंभ की गईं, जिनमें 2.5 लाख से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण किया। आज दूसरे चरण में नौ नई सेवाओं का शुभारंभ किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार तथा जनता के बीच दूरी कम होगी।
उन्होंने कहा कि 47.37 करोड़ रुपये की स्वीकृत परियोजना के अंतर्गत 15 क्लस्टर आधारित एकीकृत नागरिक सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां प्रमाण-पत्र, लाइसेंस, शिकायत निवारण, सूचना प्रौद्योगिकी सहायता, लेखा एवं विधिक परामर्श सहित सभी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल डोर प्लेट के माध्यम से प्रत्येक शहरी घर को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की जा रही है, जो शहरी शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया अध्याय सिद्ध होगी। इसके साथ ही हैदराबाद स्थित आईआईसीटी सीएसआईआर के सहयोग से 5 से 20 टीपीडी क्षमता वाले बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे कचरे से ऊर्जा, जैविक खाद और चक्रीय अर्थ-व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष 100 में स्थान प्राप्त करने वाले निकायों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश के शहरों में जनसंख्या के अनुरूप आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। नई योजनाओं को धरातल पर उतारने के बाद उनका सफलतापूर्वक कार्यान्वयन करने के लिए दक्षता तथा समर्पण से कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों की कार्यशैली में बदलाव आया है, हर क्षेत्र में समावेशी विकास के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। उन्होंने शहरी विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शहरों में विकास के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा रहा है।
प्रधान सचिव शहरी विकास देवेश कुमार ने कहा कि शहरी क्षेत्र में विभिन्न जन सेवाएं प्रदान करने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है और ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है। जन शिकायतों के निवारण के लिए समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
निदेशक शहरी विकास नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, महापौर नगर निगम शिमला सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, प्रदेश भर से शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि और गणमान्य उपस्थित थे।
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