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  • गांव में ही शहर जैसी सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही राज्य सरकारः मुख्यमंत्री
  • छह स्कूल राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में स्तरोन्न्त होंगे
  • सहारा योजना के लिए आवेदन हुआ और सुविधाजनक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार
  • मुख्यमंत्री ने 46 अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी
  • मंत्रिमंडल की बैठकों में लिए गए अधिकांश निर्णय कार्यान्वितः जगत सिंह नेगी
  • एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री
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  • एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर को उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान बनाया जाएगा ताकि यह प्रदेश के लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में अधिक सक्षम बने। 
    बिलासपुर जिला के एक दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री एम्स पहुंचे और चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा महाविद्यालयों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि दिसम्बर, 2026 तक सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में उपचार के लिए आने वाले लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि इससे सुनिश्चित होगा कि प्रदेशवासियों को उत्तम स्वास्थ्य उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न रहे। 
    श्री सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए क्रांतिकारी निर्णय लिए जा रहे हैं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार उन्हें बेहतर वेतन एवं अन्य लाभ प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को प्रोफेसर के पद पर डेजिग्नेट करने के लिए प्रदेश सरकार मापदंडों में छूट प्रदान कर रही है।   
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में डायग्नोस्टिक सेवाओं को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला एवं एआईएमएसएस चमियाना में 3-टेस्ला मशीनें स्थापित की गई हैं। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला और सिविल अस्पताल पालमपुर में 1.5-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। 
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पीजी मेडिकल सीटों में 330 सीटों की वृद्धि का लक्ष्य स्थापित किया, जिससे राज्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायता होगी। 
    श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने जीन थेरेपी और फोटो थेरेपी के क्षेत्र में कार्य आरम्भ किए हैं तथा यूनाइटेड स्टेट्स के चिकित्सकों के साथ उनकी विशेषज्ञता और सहयोग के लिए चर्चा की जा रही है। 
    इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर, पूर्व विधायक तिलक राज, एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. दलजीत सिंह, उपायुक्त राहुल कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
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  • मुख्यमंत्री ने 46 अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी
     
    अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष बलः मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों की अग्निशमन इकाइयों के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में शिमला जिले में 9, कांगड़ा में 8, मण्डी तथा सोलन में 5-5, हमीरपुर, ऊना, चम्बा तथा लाहौल-स्पीति में 3-3, सिरमौर, बिलासपुर व कुल्लू में 2-2 तथा किन्नौर जिले में एक वाहन भेजा गया है।
    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा किसी भी आपदा या आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद की प्रक्रिया प्रगति पर है।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है तथा इसके लिए 65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में 9.60 करोड़ रुपये की लागत से 22 अग्निशमन वाहन खरीदे गए और उन्हें संबंधित अग्निशमन इकाइयों को उपलब्ध करवाया गया।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर क्षेत्र तक आधुनिक अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं पहुंचे तथा इसी के दृष्टिगत अग्निशमन विभाग को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सुसज्जित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश की जरूरतों के अनुसार अग्निशमन केंद्रों, चौकियों, वाहनों, उपकरणों और मानव संसाधन का विस्तार किया जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी बिझड़ी के भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा नादौन और इंदौरा में उप अग्निशमन केंद्रों के भवनों के निर्माण पर साढ़े तीन-तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंडाघाट के उप-अग्निशमन केंद्र के निर्माण के लिए भी 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए एवं स्तरोन्नत उप-अग्निशमन केंद्रों तथा अग्निशमन चौकियों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से 8 वाटर टेंडर खरीदे जा रहे हैं।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए नई अग्निशमन चौकियां और केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं। जिला ऊना के टाहलीवाल को उप-अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत तथा कांगड़ा के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी खोल दी गई है। उन्होंने कहा कि नई अग्निशमन इकाइयों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अग्निशमन कर्मियों की विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पद भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की समग्र आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है तथा आधुनिक वाहन, बेहतर उपकरण, पर्याप्त मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचों पर एक साथ काम किया जा रहा है ताकि किसी भी आपदा या आग लगने की स्थिति में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।
    इस अवसर पर महापौर शिमला नगर निगम सुरेन्द्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, डीजी (होमगार्ड) सतवंत अटवाल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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  • गांव में ही शहर जैसी सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रही राज्य सरकारः मुख्यमंत्री
     
    मुख्यमंत्री ने अग्निशमन चौकी नेरवा का किया वर्चुअल लोकार्पण
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा जिला शिमला के नेरवा में नवस्थापित अग्निशमन चौकी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अग्निशमन चौकी केवल आग लगने की घटनाओं से निपटने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निशमन चौकी से नेरवा क्षेत्र के लगभग 55 हजार लोगों को लाभ मिलेगा और यहां पर दो गाड़ियां जल्द ही उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि आग लगने की घटना में क्षेत्र के पारंपरिक लकड़ी के मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और बहुमूल्य सेब बगीचों को समय रहते सुरक्षित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पहले नेरवा क्षेत्र में आग लगने अथवा अन्य आपदाओं की घटनाओं पर चौपाल, देहा, ठियोग और शिमला से अग्निशमन वाहन भेजने पड़ते थे, जिनको घटनास्थल तक पहुंचने में कई घंटे लग जाते थे। अब स्थानीय अग्निशमन चौकी स्थापित होने से आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अग्निशमन चौकी नेरवा के सुचारू संचालन के लिए 17 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा दो नए अग्निशमन वाहन भी स्वीकृत किए गए हैं तथा विभाग द्वारा एक वाटर टेंडर टाइप-बी आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वाहन की खरीद पर 59 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। नेरवा में अग्निशमन चौकी की स्थापना से क्षेत्र की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ गांवों में रहने वाले लोगों को उनके घर-द्वार के समीप शहर जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मिल्क प्लांट स्थापित करने के लिए राज्य सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाएगी, जिसके लिए एफसीए की अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से चौपाल मिनी सचिवालय के लिए दो करोड़ रुपये तथा नेरवा और कुपवी मिनी सचिवालयों के लिए दो-दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
    इस अवसर पर नेरवा में उपस्थित कांग्रेस नेता रजनीश किमटा ने अग्निशमन चौकी के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है और इस चौकी से नेरवा के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में चौपाल विधानसभा क्षेत्र में विकास के अनेक कार्य हुए हैं, जिनका लाभ क्षेत्रवासियों को मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को चौपाल विधानसभा क्षेत्र का प्रवास करने का निमंत्रण भी दिया।
    इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, डीजी (होमगार्ड) सतवंत अटवाल और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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  • पौधरोपण मानवता के सुरक्षित भविष्य का आधार है: राज्यपाल
     
     
     
    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि पौधरोपण अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के सुरक्षित भविष्य के लिए किया गया एक दृढ़ संकल्पित सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान विरासत बनता है।
    राज्यपाल ने आज सोलन जिला के समलेच गांव में सभ्य री-फॉरेस्टर्स द्वारा आयोजित 11वें वार्षिक पौधरोपण अभियान के शुभारम्भ समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पेड़ जीवन का आधार हैं, जो हमें स्वच्छ वायु प्रदान करने के साथ-साथ जल संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल शुरुआत है। इसका वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब हम उसकी देखभाल और सुरक्षा करते हुए उसे एक स्वस्थ वृक्ष बनने तक पोषित करें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाएं।
    राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति को सदैव पवित्र माना गया है और पर्यावरण संरक्षण देश की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने वनों, हिमालयी पर्वतों, नदियों और समृद्ध जैव विविधता के कारण क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा केवल हिमाचल प्रदेश की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।
    जलवायु परिवर्तन के कारण अनियमित वर्षा, बादल फटना, भू-स्खलन, ग्लेशियरों का सिकुड़ना और बढ़ते तापमान जैसी परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा और पारिस्थितिक क्षति को न्यूनतम करने के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक है।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस अभियान ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया है। उन्होंने नागरिकों से वनीकरण, जल संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक में कमी लाने से संबंधित पहलों में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया।
    उन्होंने स्कूलों, महाविद्यालयों, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, उद्योगों और स्वयंसेवी संगठनों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का अभिन्न हिस्सा बनाने का आग्रह किया।
    राज्यपाल ने अभियान के तहत आयोजित चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं कोे भी सम्मानित किया।
    इस अवसर पर विशेष अतिथि श्याम जाजू ने पिछले 11 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संगठन द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से पौधों के संरक्षण और उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने के संगठन के संकल्प की प्रशंसा की।
    स्कूली विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर आधारित एक लघु नाटक का मंचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण किया।
    इस अवसर पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक एस.डी. वर्मा, जिला परिषद की अध्यक्ष शीला कुमारी, नगर निगम सोलन की महापौर सुषमा शर्मा, पार्षदगण, सभ्य री-फॉरेस्टर्स के अध्यक्ष अजय, महासचिव रिपु दमन और अन्य गणमान्य  उपस्थित थे।
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  • मुख्यमंत्री ने एचपीयू के शोधार्थियों और नादौन के विद्यार्थियों के साथ संवाद किया
     
     
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां अपने आधिकारिक आवास ‘ओक ओवर’ में नादौन विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में अनुसंधान कर रहे पीएचडी शोधार्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया।
    इस दौरान विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा तथा नादौन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने नादौन के विकास में प्रदेश सरकार के प्रयासों को और गति देने में युवाओं और शोधार्थियों की भूमिका को रेखांकित किया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को आधुनिक शिक्षा और कुशल मानव संसाधन का केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थान राज्य की शैक्षणिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसलिए सरकार इन संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा आधुनिक आधारभूत अधोसंरचना के निर्माण पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में सीबीएसई प्रणाली शुरू करना, डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाना, शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने जैसे निर्णय हिमाचल को अत्याधुनिक शिक्षा सुविधाएं प्रदान करने वाले अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रहे हैं। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सुझाव और उनकी प्रतिभा निश्चित रूप से नादौन को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने मुख्यमंत्री को नादौन के विकास के लिए अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
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  • राज्यपाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से भेंट की
     
     
     
    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से शिष्टाचार भेंट की।
    बैठक के दौरान राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश हित के विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर विशेष रूप से प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र तथा प्रदेशवासियों के समग्र कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
    राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन की सराहना की।
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