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  • सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले डोप टेस्ट अनिवार्य होगा: मुख्यमंत्री
  • प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के बकाया भुगतान के लिए जारी किए 100 करोड़ रुपये
  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जनगणना कार्य में बढ़-चढ़ कर भाग लेने का किया आग्रह
  • मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटना में आठ लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया
  • राज्यपाल ने स्व-गणना अभियान का शुभारम्भ किया
  • मुख्यमंत्री ने राहत केंद्रित से प्रतिरोध केंद्रित प्रशासन अपनाने पर दिया बल
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  • राज्यपाल ने स्व-गणना अभियान का शुभारम्भ किया
    जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना का प्रथम चरण 1 जून से 15 जून तक किया जाएगा संचालित 
     
    राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन से जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-गणना अभियान का शुभारम्भ किया। यह अभियान 1 जून से 15 जून, 2026 तक प्रदेश भर में संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से नागरिक डिजिटल पोर्टल पर स्वयं अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
    राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण कर प्रदेशवासियों को इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। इस अवसर पर निदेशक, जनगणना संचालन, हिमाचल प्रदेश, दीप शिखा शर्मा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने राज्यपाल को डिजिटल जनगणना प्रक्रिया तथा इसके विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
    राज्यपाल ने प्रक्रिया को पूर्ण करने के उपरांत जनगणना के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या संबंधी आंकड़े एकत्रित करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश और प्रदेश की भावी विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों तथा प्रशासनिक निर्णयों की आधारशिला है। 
    कविन्द्र गुप्ता ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे 1 जून से 15 जून के बीच स्व-गणना प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। 
    राज्यपाल ने नागरिकों को स्व-गणना पूर्ण होने के उपरांत प्राप्त होने वाली स्व-गणना पहचान संख्या को सुरक्षित रखने का परामर्श दिया। अभियान के अगले चरण में 16 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित की जाएगी। स्व-गणना कर चुके लोगों द्वारा अपनी पहचान संख्या उपलब्ध करवाने से जनगणना कार्य अधिक सुगमता एवं दक्षता के साथ सम्पन्न हो सकेगा।
    कविन्द्र गुप्ता ने सटीक एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने के महत्त्व पर बल देते हुए कहा कि प्रभावी प्रशासन और योजनाबद्ध विकास के लिए सही आंकड़ों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं जनसांख्यिकीय आंकड़ों पर आधारित होती हैं। नागरिकों द्वारा सही जानकारी प्रदान करने से योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाने तथा समाज के सभी वर्गों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
    राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना के बाद विकास की बदलती आवश्यकताओं और नई चुनौतियों को देखते हुए जनगणना-2027 से प्राप्त होने वाले आंकड़े राज्य एवं राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तराखंड जैसे पर्वतीय एवं दुर्गम राज्यों में समयबद्ध और प्रभावी आंकड़ा संकलन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्व-गणना अभियान को विशेष प्राथमिकता प्रदान की गई है।
    राज्यपाल ने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान करते हुए कहा कि जन सहभागिता ही डिजिटल जनगणना अभियान की सफलता की कुंजी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े हिमाचल प्रदेश के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
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  • प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के बकाया भुगतान के लिए जारी किए 100 करोड़ रुपये
    सर्जरी और जांच के लिए प्रतीक्षा अवधि शून्य करने पर दिया बल
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत लंबित भुगतान को चुकाने के लिए 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को उनके घर के निकट बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके दृष्टिगत पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में कई सुधार किए गए हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज चमियाणा, आईजीएमसी शिमला और टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में आधुनिक ऑटोमेटेड लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इन प्रयोगशालाओं में खून के एक ही नमूने से कई तरह की जांच की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इन प्रयोगशालाओं में उपकरणों और टांडा व हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालय में पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
    श्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य के अस्पतालों में विश्वस्तरीय तकनीक उपलब्ध करवाकर मरीजों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करना है।
    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को एमआरआई, सीटी स्कैन जैसी जांच के लिए प्रतीक्षा अवधि शून्य करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में बड़ी शल्य चिकित्सा के लिए भी शून्य प्रतीक्षा अवधि सुनिश्चित करने को कहा।
    उन्होंने कहा कि चिकित्सकों, पैरामेडिकल और तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में लोगों को विशेषज्ञ और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।  
    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को मरीजों को ब्रांडेड और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। इसके लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को दवाओं की खरीद की जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है।
    ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सुशील कुमार सिंगला, विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. अश्वनी शर्मा, प्रबंध निदेशक राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम राजेश्वर गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
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  • सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले डोप टेस्ट अनिवार्य होगा: मुख्यमंत्री
    सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लंबित भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
     
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को प्रशासनिक सचिवों के साथ आयोजित बैठक में बजट घोषणा के अनुसार चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित ग्रेच्युटी एवं अवकाश नकदीकरण के भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागाध्यक्षों को करुणामूलक आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों का पूरा विवरण उपलब्ध करवाने को कहा ताकि प्रदेश सरकार इन मामलों में उचित निर्णय ले सके।
    मुख्यमंत्री ने चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाए गए सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने चिट्टा के विरुद्ध जन आंदोलन शुरू किया है तथा नशा माफिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को नशे की बुराई से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
    ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले अभ्यर्थियों का डोप टेस्ट अनिवार्य करने और इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा।
    मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए, ताकि इन्हें शीघ्र भरा जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के 500 पद भरने का निर्णय लिया है।
    मुख्यमंत्री ने हाल ही में आए तूफान के कारण वन भूमि पर गिरे और उखड़े पेड़ों की जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन पेड़ों को हटाने के लिए 1 जून से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गिरे हुए पेड़ों को हटाने में देरी से राज्य को संसाधनों की हानि होती है इसलिए वन विभाग प्राथमिकता के आधार पर इनका शीघ्र निष्पादन और निस्तारण सुनिश्चित करे।
    मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत एवं ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और आशीष सिंहमार सहित अन्य प्रशासनिक सचिव इस बैठक में उपस्थित थे।
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  • बेहतर शिक्षा जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है: राज्यपाल
    युवाओं में शोध, नवाचार और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर दिया बल
    राज्यपाल ने श्री साईं ग्रुप ऑफ इंस्टीटयूट्स के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की
     
    राज्यपाल काविन्द्र गुप्ता ने कहा है कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने या रोजगार हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य जिम्मेदार नागरिक और समर्पित राष्ट्र निर्माता तैयार करना है, जो समाज और देश के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान युवाओं में चरित्र, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।
    राज्यपाल शुक्रवार को पंजाब के पठानकोट स्थित श्री साईं ग्रुप ऑफ इंस्टीटयूूट्स के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर फर्स्ट लेडी बिंदु गुप्ता भी उपस्थित थीं।
    कविन्द्र गुप्ता ने स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं तथा संस्थान की 30 वर्षों की उल्लेखनीय यात्रा में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया।
    विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कविन्द्र गुप्ता ने दीक्षांत समारोह को प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन का महत्त्वपूर्ण पड़ाव बताया, जो शिक्षा के एक अध्याय के पूर्ण होने के उपरान्त वास्तविक जीवन की चुनौतियों एवं अवसरों से भरी नई यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है।
    उन्होंने कहा कि विद्यार्थी इस संस्थान से केवल डिग्रियां नहीं बल्कि ज्ञान, संस्कार, आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी साथ लेकर जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण बनाए रखने का अह्वान किया।
    राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय विकास की आधारशिला है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है जब ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता के कल्याण के लिए किया जाए।
    श्री साईं ग्रुप ऑफ इंस्टीटयूूट्स की प्रगति की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि एक छोटे शैक्षणिक प्रयास के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान आज अनेक महाविद्यालयों और एक विश्वविद्यालयों तक विस्तारित हो चुका है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
     
    राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने कार्य और पेशेवर अवसरों की प्रकृति को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि केवल डिग्री प्राप्त करना अब पर्याप्त नहीं है, बल्कि तेजी से बदलती दुनिया में प्रासंगिक और सफल बने रहने के लिए निरंतर सीखना, नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक संवेदनशीलता का होना आवश्यक है।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि युवाओं में शोध, नवाचार और स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देना तथा उन्हें कुशल कार्यबल के रूप में विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। भारत सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने, कौशल विकास को मजबूत करने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए कई परिवर्तनकारी योजनाएं और पहल शुरू की हैं।
    राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए भी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के साथ निरंतर प्रगति कर रहा है और इस परिवर्तनकारी यात्रा में युवा सबसे महत्त्वपूर्ण भागीदार हैं।
    उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। बड़े सपने देखिए, कड़ी मेहनत कीजिए, जीवन में ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखिए तथा हमेशा सकारात्मकता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़िए।
    कविन्द्र गुप्ता ने पर्यावरण प्रदूषण, नशा, बेरोजगारी और नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट जैसी सामाजिक चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी है कि वे जागरूकता, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से इन समस्याओं के समाधान में योगदान दें और समाज को सही दिशा दिखाएं।
    इस अवसर पर साईं संस्था के अध्यक्ष एवं श्री साईं यूनिवर्सिटी, पालमपुर के कुलपति एस.के. पुंज ने भी अपने विचार साझा किए और शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की यात्रा एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
    इससे पूर्व साईं ग्रुप के मुख्य प्रबंध निदेशक कंवर तुषार पुंज ने राज्यपाल का स्वागत किया। इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नवदीप सेनवाल ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा संस्थान की उपाध्यक्ष रिया पुंज ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
     
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  • कुराश कप में कांस्य पदक विजेता सौरव सुमन ने मुख्यमंत्री से की भेंट
    एशियन कुराश कप (सीनियर वर्ग) के कांस्य पदक विजेता सौरव सुमन ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट की। यह प्रतियोगिता 22 मई से 25 मई, 2026 तक उज्बेकिस्तान के नुकुस में आयोजित की गई थी।
    सौरव सुमन जल शक्ति विभाग में कनिष्ठ अभियन्ता के पद पर कार्यरत हैं तथा वर्तमान में शिमला जिले के मतियाना में अपनी सेवाएं दे रहे हैैं। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने हिमाचल प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।
    मुख्यमंत्री ने सौरव सुमन को उनकी लगन और कड़ी मेहनत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं को खेलों और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।
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  • प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज पर दे रही ऋण सुविधा: मुख्यमंत्री
    पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र के 21 विद्यार्थियों ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिह सुक्खू से भेंट की और अपने शैक्षणिक अनुभव साझा किए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योेजना  के अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाकर जीवन में अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न सुधार किए हैं ताकि विद्यार्थियों को उनके घरों के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
    श्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 156 से अधिक स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को कला, विज्ञान और वाणिज्य संकायों में शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के व्यावहारिक प्रयासों के परिणामस्वरूप शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है और हाल ही में किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में हिमाचल प्रदेश 13वें स्थान से बढ़कर 6वें स्थान पर पहुंच गया है।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बेटियों की विवाह योग्य आयु को भी लड़कों के समान 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अनुसूचित जनजाति समुदाय की शिक्षा में भूमिका से लोगों को अवगत करवाने के लिए 10 मई से 9 जून, 2026 तक अनुसूचित जनजाति गरीमा उत्सव मनाया जा रहा है।
    इस अवसर पर शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक हरीश कुमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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